“This website is the official literary hub of Anand Kumar Ashodhiya and Avikavani Publishers.” New Hindi Songs, Hindi Geet, Hindi Kavita Authored by Anand Kumar Ashodhiya (Kavi Anand Shahpur). Anand Kumar Ashodhiya is an Indian Author, poet, translator, and retired Indian Air Force Warrant Officer. Writing in Hindi, Haryanvi, and English, he is the founder of Avikavani Publishers. रचयिता : कवि आनन्द शाहपुर (आनन्द कुमार आशोधिया) कॉपीराइट Anand Kumar Ashodhiya©2016-26
Tuesday, April 19, 2016
Monday, October 19, 2015
मैं ख्याल तुम्हारे बुनती रहूँ - नया हिन्दी गाना गीत कविता
मैं ख्याल तुम्हारे बुनती रहूँ
तुम लिखते रहो मैं पढ़ती रहूँ, सपनों की गागर भरती रहूँ
तुम गाओ तराने प्यार के, मैं ख्याल तुम्हारे बुनती रहूँ
हर बार तमन्ना होती है कि, लगा पंख कहीं उड़ जाऊं
तेरी बाहों के सशक्त घेरे में, कभी जलूं कभी बुझ जाऊं
तेरी छाती पे सर रख के बस आँख मूँद तुझे सुनती रहूँ
तुम गाओ तराने प्यार के, मैं ख्याल तुम्हारे बुनती रहूँ
कभी रीती, कभी भरी भरी, कभी सुस्ती कभी अलसाऊं
कभी धधकती, कभी सुलगती, कभी खुदी में जल जाऊँ
तेरे ओज की इस ऊर्जा में, शनैः शनैः मैं भुनती रहूँ
तुम गाओ तराने प्यार के, मैं ख्याल तुम्हारे बुनती रहूँ
तुम लिखते रहो मैं पढ़ती रहूँ , सपनों की गागर भरती रहूँ
तुम गाओ तराने प्यार के, मैं ख्याल तुम्हारे बुनती रहूँ
रचयिता : आनन्द कवि आनन्द कॉपीराइट © 2015-16
Sunday, September 27, 2015
ना जाने क्यूँ - नया हिन्दी गाना गीत कविता
ना जाने क्यूँ
दूर खड़ी हो अधरों से खुद ही मुस्कराए जा रही है
प्यारी सी मनमोहक अदा लिए मन को रिझा रही है
ना जाने क्यूँ फिर भी पास आने से हिच किचा रही है
तुम बांधो तारीफों के पूल फिर हो के खुश भी क्या करना
जब तुम ही हासिल नहीं जग में तो ऐसे जहाँ का क्या करना
अब आके गले लगाले मौत फिर घुट घुट जी के क्या करना
नदी के मुहाने पे खड़ा सोचता हूँ की वो धारा कब आएगी
जब लाएगी चैन ओ सुकून और ज़िन्दगी महकाएगी
खुदा करे वो दिन जरूर आये और मेरे इस सपने को साकार कर जाए
या तो नदी ही किनारे से दो चार हो जाए या खुद किनारा ही नदी में समा जाए
रचयिता : आनन्द कवि आनन्द कॉपीराइट © 2015-16
Subscribe to:
Comments (Atom)

