भारत के परमवीर चक्र विजेता-निर्मलजीत सिंह सेखों
जयहिंद जयहिंद जयहिंद जयहिंद जयहिंद
कॉपीराइट : आनन्द कुमार आशोधिया।
“This website is the official literary hub of Anand Kumar Ashodhiya and Avikavani Publishers.” New Hindi Songs, Hindi Geet, Hindi Kavita Authored by Anand Kumar Ashodhiya (Kavi Anand Shahpur). Anand Kumar Ashodhiya is an Indian Author, poet, translator, and retired Indian Air Force Warrant Officer. Writing in Hindi, Haryanvi, and English, he is the founder of Avikavani Publishers. रचयिता : कवि आनन्द शाहपुर (आनन्द कुमार आशोधिया) कॉपीराइट Anand Kumar Ashodhiya©2016-26
जयहिंद जयहिंद जयहिंद जयहिंद जयहिंद
कॉपीराइट : आनन्द कुमार आशोधिया।
अर्बुदा की भव्य गोदी में, बैठा है आबू पर्वत
इस गिरि पर इतिहास ने जाने ली हैं कितनी करवट
देलवाड़ा के जैन मंदिर, आबू की शान बढ़ाते
वास्तुशिल्प श्लाघा करते, जन जन नहीं अघाते
एक सिद्ध ने अपने नक्ख से खोद के, नक्खी झील बनाई
स्नान ध्यान कर कार्तिक पूर्णिमा को, करते लोग बड़ाई
मनोहारी छटा, भव्य दृश्य, नक्खी के मस्त नज़ारे
कहीं पे चलती छोटी कश्ती, कहीं पे बड़े शिकारे
अर्बुदा का मंदिर ही तो, अधर देवी कहलाता
जिसके दर्शन हेतु हर जन, झुकके अंदर जाता
साढ़े सात सौ सीढ़ी नीचे, होते गोमुख दर्शन
ऋषि मुनियों की तपोभूमि पे, निर्मल होता तनमन
ईश्वरीय अध्यात्म हेतु, ब्रह्म कुमारी विश्वविद्यालय
हिन्दू, जैनी और बोद्धों के, जाने कितने देवालय
अरावली और हिमालय के मध्य, सबसे ऊँचा और प्रखर
पाँच हज़ार एक सौ पचास फुट पर तना खड़ा है गुरु शिखर
यहाँ पे वायु सेना स्टेशन, सक्रिय रायफल राजपुताना
आंतरिक सुरक्षा अकादमी और के रि पु बल भी है जाना माना
भारत माँ के सजग प्रहरी रक्षा करते आबू की आन की
जो देखे दुश्मन टेढ़ी नज़र से, तो ये बाज़ी लगादें जान की
"जय हिन्द जय आबू का, मिलकर लगाएँ नारा
इस आबू की शान बढ़ाना, ये ही धर्म हमारा
रचयिता
रचयिता : आनन्द कुमार आशोधिया कॉपीराइट 1996-2025
साल 71 के शुरूआती महीनों में, युद्ध के दिखने लगे आसार
याहया खान ने पूर्व पाक में, शेख मुजीब को किया गिरफ्तार
पूर्व पाक में उठ रहे विद्रोह को, कुचल रही थी पाक सरकार
पाक सैनिकों ने ज़ुल्मो सितम कर, पूर्व पाक में किया अनाचार
यहाँ की बातें यहाँ पर छोडो, अब आगे का करूँ विस्तार
प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को, अखर रहा था पाक दुरव्यवहार
मानेकशॉ से किया राय मशविरा, और जाना सेना का विचार
क्या हम अप्रैल माह के अंदर, पाक पर कर सकते हैं वार
मानसून के चलते जनरल ने, बगैर दबाव के किया इंकार
यहाँ की बातें यहाँ पर छोडो, अब आगे का करूँ विस्तार
सन इकहत्तर तीन दिसम्बर, लगा पकिस्तान गया भरमाय
निर्बुद्धि ने हिन्दुस्तान पर, हमले का दिया बिगुल बजाय
पश्चिम भारत के हवाई अड्डों पर, पाकिस्तान ने दिए बम गिराय
इंदिरा जी ने मंत्रीमण्डल की, आपात बैठक ली तुरन्त बुलाय
यहाँ की बातें यहाँ पर छोडो, अब आगे का देउँ जिक्र सुनाय
पहले हमला करके पाक ने, अपनी शामत लेइ बुलाय
भारत ने भी पूर्व पाक में, चटगांव कब्ज़ा लिया छुडवाय
जेसोर, खुलना जीत लिये फिर, ढाका पर देइ नज़र जमाय
मिग इक्कीस बमवर्षक फाइटर, युद्ध के लिए दिए सजाय
यहाँ की बातें यहाँ पर छोडो, अब आगे का देउँ जिक्र सुनाय
ढाका गवर्नमेंट हाउस उपर, चौदह तारीख को दिए बम बरसाय
भारतीय बमवर्षक मिग ने, बिल्डिंग की छत देई उड़ाय
ढाका गवर्नर मलिक के हाथों, इस्तीफा भी लिया लिखवाय
काँपते हाथों मलिक साहब ने, खुद के दस्तखत दिए बनाय
यहाँ की बातें यहाँ पर छोडो, अब आगे का देउँ जिक्र सुनाय
भारत का हमला ना सहकर, जनरल नियाजी गए घबराय
16 दिसंबर ऐतिहासिक दिन, नियाजी सरेंडर दिए कराय
तिरानवे हजार पाक सैनिकों को, युद्ध में बंदी लिया बनाय
पूर्व पाक को आज़ाद कराकर, नया बांग्लादेश दिया बनवाय
यहाँ की बातें यहाँ पर छोडो अब आगे का देउँ जिक्र सुनाय
उनतालीस सौ रण बाँकुरों ने, भारत माँ पे दिया शीश चढ़ाय
इन शहीदों की याद में आज हम, विजय दिवस हैं रहे मनाय
आओ मिलकर नमन करें हम, विजय दिवस के वीरों को
मौका मिला तो हिन्द की खातिर, हम चूमेंगें शमशीरों को
मौका मिला तो हिन्द की खातिर, हम चूमेंगें शमशीरों को
जयहिन्द
जयभारत
आनन्द कुमार आशोधिया कॉपीराइट 2024