Wednesday, January 28, 2015

मुझे छू ना ना सनम - नया हिन्दी गाना गीत कविता

मुझे छू ना ना सनम

मुझे छू ना ना सनम - नया  हिन्दी गाना गीत कविता

मुझे छू ना ना सनम, तुझे तेरी जान की कसम
मेरी जान की कसम, मैं मर जाऊँगी, हाय मैं मर जाउंगी

मेरे दिल की धड़कन बढ़ती
मेरी साँस तेज़ सी चलती
ना नज़र तेरे से हटती, मैं मर जाऊँगी, हाय मैं मर जाउंगी

ना दिल पे काबू रहता
मेरा जोबन दरिया बहता
मेरा रोम रोम ये कहता, मैं मर जाऊँगी, हाय मैं मर जाउंगी

जब प्रेम ज्वाला सुलगे,
साँसों की लड़ियाँ उलझे
प्रेम बीज़ जब उपजे, तो मैं मर जाऊँगी, हाय मैं मर जाउंगी

रचयिता : आनन्द कवि आनन्द कॉपीराइट © 2015-16
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सड़क पे जन्मे बच्चे की पुकार डॉक्टर से - नया हिन्दी गाना गीत कविता

सड़क पे जन्मे बच्चे की पुकार डॉक्टर से

सड़क पे जन्मे बच्चे की पुकार डॉक्टर से - नया  हिन्दी गाना गीत कविता

सुन रहा है ना तू, रो रहा हूँ मैं
सुन रहा है ना तू, क्यों रो रहा हूँ मैं

प्रसव पीड़ा से हांफती कान्फ्ती सी, मेरी माँ
गरीबी और कुपोषण से हारती सी, मेरी माँ
देव तुल्य डॉक्टरों को पुकारती, मेरी माँ
जिंदगी की भीख मांगती, मेरी माँ
सुन रहा है ना तू, क्यों रो रहा हूँ मैं……………

निर्दयता और निर्लज्जता की, सारी सीमा पार कर दी
दीन हीन मरणासन्न माँ, ज़बरदस्ती बाहर कर दी
डॉक्टरों के आचरण की, इज्जत तार तार कर दी
ह्या शर्म बेच खाई, मानवता भी दूर कर दी
सुन रहा है ना तू, क्यों रो रहा हूँ मैं……………..

असहाय बेबस होकर, गिर गई सड़क पर
बेहोशी के आलम में ही मुझे, जन्म दिया सड़क पर
मानवता हुई शर्मसार, एक बार फिर सड़क पर
भारत का भविष्य जन्मा, इस बार फिर सड़क पर
सुन रहा है ना तू, क्यों रो रहा हूँ मैं…………….

काश कि मेरी माँ, इस देश की लाचारी समझ पाती
हृदय हीन पापियों में वासित, भ्रस्टाचार की बिमारी समझ पाती
जिस देश में बच्चे सडकों पे जन्में, उस देश की सच्चाई समझ पाती
काश कि मुझे अपनी कोख में पोषित करने का, निर्णय ले पाती
सुन रहा है ना तू, क्यों रो रहा हूँ मैं……………
सुन रहा है ना तू, रो रहा हूँ मैं

रचयिता : आनन्द कवि आनन्द कॉपीराइट © 2015-16
सड़क पे जन्मे बच्चे की पुकार डॉक्टर से - नया  हिन्दी गाना गीत कविता
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साजन मैं नहीं नटणी - नया हिन्दी गाना गीत कविता

साजन मैं नहीं नटणी

साजन मैं नहीं नटणी - नया  हिन्दी गाना गीत कविता

प्रेम नदी विच गोता ला ले, साजन मैं नहीं नटणी
तेरे बिन ये जिन्दड़ी सूनी, नहीं कटणी वे नहीं कटणी

मेरे दिल का कोठा सूना, मैं होर किसी को दूँ ना
आजा छू ले प्रेम का पाळा, होर कोई ना छू ना
दो दिन की ज़िन्दगानी यारा, रात दिनां ए घटणी
साजन मैं नहीं नटणी

मेरी जवानी तेरे नां की, होंठ मेरे ये तेरी साकी
आजा पी ले प्रेम पियाला, कुछ ना छोड़ूँ बाकी
मैं तेरी तू साजन मेरा, हर सांस मेरी ए रटणी
साजन मैं नहीं नटणी

ना मुझे होश दिलाइयो, ना मुझे जोश दिलाइयो
होश फ़ाख़्ता कर दूँगी, जो मुझसे अँग मिलाइयो
पेंचें लड़ गए दो नैनों के, रब्बा फिर नहीं डटणी
साजन मैं नहीं नटणी

रचयिता : आनन्द कवि आनन्द कॉपीराइट © 2015-16

साजन मैं नहीं नटणी - नया  हिन्दी गाना गीत कविता
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