Tuesday, November 3, 2026

अन्तर्मन की यात्रा — हिन्दी काव्य संग्रह : लेखक आनन्द कुमार आशोधिया (कवि आनन्द शाहपुर)

अन्तर्मन की यात्रा — हिन्दी काव्य संग्रह

Antarman Ki Yatra — राष्ट्र-चेतना, आत्म-बोध, सामाजिक यथार्थ और लोक-संवेदना की कविताएँ

अन्तर्मन की यात्रा — हिन्दी काव्य संग्रह : लेखक आनन्द कुमार आशोधिया (कवि आनन्द शाहपुर)

पुस्तक विवरण

विवरणजानकारी
शीर्षक (वैकल्पिक वर्तनी)अन्तर्मन की यात्रा / अंतर्मन की यात्रा
अंग्रेज़ी शीर्षकAntarman Ki Yatra
लेखकआनन्द कुमार आशोधिया (कवि आनन्द शाहपुर)
भाषाहिन्दी
पृष्ठ संख्या (ई-बुक)117
प्रकाशन वर्ष2026
ISBN978-93-345-4990-4
विधाहिन्दी काव्य संग्रह · समकालीन कविता
प्रकाशकअविकावनी पब्लिशर्स (Avikavani Publishers)

पुस्तक के बारे में

“अन्तर्मन की यात्रा” आनन्द कुमार आशोधिया (कवि आनन्द शाहपुर) का हिन्दी काव्य-संग्रह है। इसकी कविताएँ मनुष्य के भीतर की मौन संवेदनाओं और बाहरी सामाजिक यथार्थ के टकराव से उपजी हैं। संग्रह में जीवन के विविध अनुभव, सैन्य जीवन से जुड़ा राष्ट्र-समर्पण और हरियाणा की लोक-सांस्कृतिक परंपरा की छाप मिलती है।

पुस्तक के पाँच खंड

  1. राष्ट्र-वंदना। सैन्य जीवन के अनुभवों से जुड़ी ओजस्वी कविताएँ। ‘परमवीर चक्र विजेता निर्मलजीत सिंह सेखों’ और ‘अग्निवीर’ जैसी रचनाएँ सशस्त्र सेनाओं के पराक्रम को स्वर देती हैं।
  2. आत्म-बोध और दार्शनिक चिंतन। ‘वक़्त’ और ‘सवेरा’ जैसी रचनाएँ मौन, काल-चक्र और आत्म-साक्षात्कार पर शांत, गंभीर चिंतन करती हैं।
  3. मानवीय संवेदनाएँ। पारिवारिक आत्मीयता, वात्सल्य और संघर्षों के बीच आशा की कविताएँ।
  4. सामाजिक विसंगतियाँ। ‘सड़क पे जन्मे बच्चे की पुकार’, ‘बचपन’, ‘दहेज’, ‘मंगली’ और ‘रील का मायाजाल’ जैसी कविताएँ कन्या भ्रूण-हत्या, दहेज, मिलावटख़ोरी, अंधविश्वास और सोशल मीडिया की आभासी दुनिया जैसे विषयों पर प्रश्न उठाती हैं।
  5. लोक-संस्कृति और पिंगल अनुशासन। पं. लखमीचंद, माँगेराम और गुरु पालेराम दहिया (हलालपुरिया) की परंपरा से प्रेरित काव्य-शिल्प, जिसमें पिंगल शास्त्र के नियमों (लय, मात्रा, छंद और तुकांत) का पालन किया गया है।

किनके लिए

यह संग्रह हिन्दी कविता के उन पाठकों के लिए है जो ओजस्वी राष्ट्र-स्वर, आत्म-चिंतन, सामाजिक प्रश्नों और छंद-अनुशासन से जुड़ी लोक-काव्य परंपरा में रुचि रखते हैं।

लेखक परिचय

आनन्द कुमार आशोधिया (‘कवि आनन्द शाहपुर’) स्वतंत्र लेखक, कवि और शोधार्थी हैं। वे हरियाणवी भाषा, लोक-काव्यशास्त्र, पिंगल शास्त्र और वाचिक परंपराओं के दस्तावेज़ीकरण पर कार्य करते हैं। उनके शोध-परिचय के लिए यहाँ देखें।

उद्धरण कैसे दें

Ashodhiya, Anand Kumar. (2026). Antarman Ki Yatra. Avikavani Publishers.

उपलब्धता

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