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Tuesday, October 27, 2026

धूप के पाँव: आधुनिक अतुकांत एवं छंदमुक्त हिंदी कविता संग्रह : लेखक आनन्द कुमार आशोधिया ('कवि आनन्द शाहपुर')

 

धूप के पाँव: आधुनिक अतुकांत एवं छंदमुक्त हिंदी कविता संग्रह : लेखक आनन्द कुमार आशोधिया ('कवि आनन्द शाहपुर')

धूप के पाँव: आधुनिक अतुकांत एवं छंदमुक्त हिंदी कविता संग्रह : लेखक आनन्द कुमार आशोधिया ('कवि आनन्द शाहपुर') 

☀️ "कविता जब छंद, मात्रा और तुकांत के पारंपरिक आवरणों को उतारकर नंगे पाँव यथार्थ की खुरदुरी ज़मीन पर चलती है, तब वह शब्दों का शिल्प न रहकर मनुष्य के अस्तित्व का प्रामाणिक दस्तावेज़ बन जाती है।" ☀️


भारतीय वायु सेना (IAF) में 32 वर्षों तक अनुशासित सैन्य-सेवा देने वाले 'हरियाणवी संस्कृति गौरव रत्न पुरस्कार' से विभूषित, स्वतंत्र शोधार्थी एवं प्रख्यात साहित्यकार आनन्द कुमार आशोधिया ('कवि आनन्द शाहपुर') जी की एक और नई एवं वैचारिक रूप से समृद्ध कृति पाठकों के समक्ष आ चुकी है!

📖 पुस्तक का नाम: धूप के पाँव: आधुनिक अतुकांत एवं छंदमुक्त हिंदी कविता संग्रह 🖨️ प्रकाशक: अविकावनी पब्लिशर्स (Avikavani Publishers)

🌟 इस काव्य-संग्रह की मुख्य विशेषताएँ:

  • 101 आधुनिक अतुकांत कविताएँ: पिंगल शास्त्र और हरयाणवी रागनी परंपरा की शास्त्रीय गेयता के दीर्घ अभ्यास के बाद, लेखक ने इस संग्रह में विचार की आंतरिक लय, बिंबों की सजीवता और यथार्थवादी संवेदना पर आधारित 101 छंदमुक्त कविताओं की रचना की है।

  • सैन्य अनुशासन और लोक-संवेदना का संगम: 32 वर्षों के अनुशासित सैन्य जीवन की परिपक्वता और हरियाणा की माटी की निष्कलुष सच्चाई का एक अत्यंत संतुलित सामंजस्य।

  • प्रकृति और परिंदों का भूगोल: 'तिनके का भूगोल', 'नन्हीं चोंच का विहान' और 'परिंदों की संगति' जैसी रचनाओं में कंक्रीट के फैलते जंगलों के बीच उजड़ते नैसर्गिक वास का मार्मिक चित्रण।

  • कंक्रीट का संत्रास व सामाजिक विसंगतियाँ: 'चौपाल का मौन', 'माँ की थाली', 'पुराना सहारा' और 'वृद्ध आँखों का विश्राम' के माध्यम से आधुनिक जीवन की वीरान पीड़ा को स्वर।

  • श्रम, संघर्ष और अस्तित्व: 'खेत में पकता सोना', 'थके मजदूर का संसार' और 'धूल का बवंडर' जैसी रचनाओं में आम आदमी के पसीने और संघर्ष का सजीव वर्णन।

  • दार्शनिक अंतर्दर्शन: 'दूधिया खामोशी', 'अक्स का सच' और 'रेत की प्यास' जैसी कविताएँ मनुष्य को उसके आंतरिक और मौन एकांत से जोड़ती हैं।

✨ आधुनिक हिंदी कविता, अतुकांत की आंतरिक लय और यथार्थवादी साहित्य में रुचि रखने वाले पाठकों, शोधार्थियों और काव्य-प्रेमी मित्रों के लिए यह संग्रह एक अनिवार्य पठनीय कृति है!

🛒 ऑनलाइन उपलब्धता:

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