अन्तर्मन की यात्रा — हिन्दी काव्य संग्रह
Antarman Ki Yatra — राष्ट्र-चेतना, आत्म-बोध, सामाजिक यथार्थ और लोक-संवेदना की कविताएँ

पुस्तक विवरण
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| शीर्षक (वैकल्पिक वर्तनी) | अन्तर्मन की यात्रा / अंतर्मन की यात्रा |
| अंग्रेज़ी शीर्षक | Antarman Ki Yatra |
| लेखक | आनन्द कुमार आशोधिया (कवि आनन्द शाहपुर) |
| भाषा | हिन्दी |
| पृष्ठ संख्या (ई-बुक) | 117 |
| प्रकाशन वर्ष | 2026 |
| ISBN | 978-93-345-4990-4 |
| विधा | हिन्दी काव्य संग्रह · समकालीन कविता |
| प्रकाशक | अविकावनी पब्लिशर्स (Avikavani Publishers) |
पुस्तक के बारे में
“अन्तर्मन की यात्रा” आनन्द कुमार आशोधिया (कवि आनन्द शाहपुर) का हिन्दी काव्य-संग्रह है। इसकी कविताएँ मनुष्य के भीतर की मौन संवेदनाओं और बाहरी सामाजिक यथार्थ के टकराव से उपजी हैं। संग्रह में जीवन के विविध अनुभव, सैन्य जीवन से जुड़ा राष्ट्र-समर्पण और हरियाणा की लोक-सांस्कृतिक परंपरा की छाप मिलती है।
पुस्तक के पाँच खंड
- राष्ट्र-वंदना। सैन्य जीवन के अनुभवों से जुड़ी ओजस्वी कविताएँ। ‘परमवीर चक्र विजेता निर्मलजीत सिंह सेखों’ और ‘अग्निवीर’ जैसी रचनाएँ सशस्त्र सेनाओं के पराक्रम को स्वर देती हैं।
- आत्म-बोध और दार्शनिक चिंतन। ‘वक़्त’ और ‘सवेरा’ जैसी रचनाएँ मौन, काल-चक्र और आत्म-साक्षात्कार पर शांत, गंभीर चिंतन करती हैं।
- मानवीय संवेदनाएँ। पारिवारिक आत्मीयता, वात्सल्य और संघर्षों के बीच आशा की कविताएँ।
- सामाजिक विसंगतियाँ। ‘सड़क पे जन्मे बच्चे की पुकार’, ‘बचपन’, ‘दहेज’, ‘मंगली’ और ‘रील का मायाजाल’ जैसी कविताएँ कन्या भ्रूण-हत्या, दहेज, मिलावटख़ोरी, अंधविश्वास और सोशल मीडिया की आभासी दुनिया जैसे विषयों पर प्रश्न उठाती हैं।
- लोक-संस्कृति और पिंगल अनुशासन। पं. लखमीचंद, माँगेराम और गुरु पालेराम दहिया (हलालपुरिया) की परंपरा से प्रेरित काव्य-शिल्प, जिसमें पिंगल शास्त्र के नियमों (लय, मात्रा, छंद और तुकांत) का पालन किया गया है।
किनके लिए
यह संग्रह हिन्दी कविता के उन पाठकों के लिए है जो ओजस्वी राष्ट्र-स्वर, आत्म-चिंतन, सामाजिक प्रश्नों और छंद-अनुशासन से जुड़ी लोक-काव्य परंपरा में रुचि रखते हैं।
लेखक परिचय
आनन्द कुमार आशोधिया (‘कवि आनन्द शाहपुर’) स्वतंत्र लेखक, कवि और शोधार्थी हैं। वे हरियाणवी भाषा, लोक-काव्यशास्त्र, पिंगल शास्त्र और वाचिक परंपराओं के दस्तावेज़ीकरण पर कार्य करते हैं। उनके शोध-परिचय के लिए यहाँ देखें।
उद्धरण कैसे दें
Ashodhiya, Anand Kumar. (2026). Antarman Ki Yatra. Avikavani Publishers.

