थारा मुद्दा थारी बात — छंदमुक्त हरियाणवी कविताओं का सामाजिक दस्तावेज़ : लेखक आनन्द कुमार आशोधिया (कवि आनन्द शाहपुर)
Thara Mudda Thari Baat — छंदमुक्त हरियाणवी कविताओं का सामाजिक दस्तावेज़

पुस्तक विवरण
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| अंग्रेज़ी शीर्षक | Thara Mudda Thari Baat |
| लेखक | आनन्द कुमार आशोधिया (कवि आनन्द शाहपुर) |
| भाषा | हरियाणवी / हिन्दी |
| पृष्ठ संख्या | 129 |
| ISBN | 978-81-989952-2-3 |
| विधा | आधुनिक हरियाणवी काव्य · छंदमुक्त लघुकविता · सामाजिक चेतना |
| शैक्षणिक क्षेत्र | आधुनिक हरियाणवी साहित्य, ग्रामीण समाजशास्त्र, समकालीन सामाजिक आंदोलन, छंदमुक्त कविता, जनसंवाद |
| प्रकाशक | एस. जैन पब्लिकेशन (SJain Publication) |
पुस्तक के बारे में
“थारा मुद्दा थारी बात” सामाजिक चेतना से ओतप्रोत एक विशिष्ट हरियाणवी छंदमुक्त लघु-कविता संग्रह है, जो केवल हरियाणा तक सीमित न रहकर पूरे ग्रामीण और कस्बाई भारत के 25 प्रमुख सामाजिक मुद्दों को उजागर करता है। कन्या भ्रूण हत्या, दहेज प्रथा, बेरोज़गारी, जल संकट, महिला सुरक्षा, साइबर अपराध और बाल श्रम जैसे ज्वलंत विषयों पर केंद्रित ये 100 लघुकविताएँ लोकभाषा की आंतरिक शक्ति में रची-बसी हैं।
भाषा, शिल्प और सरोकार
- छंदमुक्त हरियाणवी विधान: पारंपरिक रागनी छंदों से इतर, यह संग्रह आधुनिक छंदमुक्त शैली में हरियाणवी बोली की संवेदनात्मक गहराई और अभिव्यंजना क्षमता को सिद्ध करता है।
- आईना और समाधान: लेखक की दृष्टि केवल समस्याओं के चित्रण तक सीमित नहीं है, बल्कि वह संवाद, सुधार और नीतिपरक दृष्टिकोण का निर्माण करती है।
- जन-आवाज़ का प्रलेखन: प्रत्येक कविता समाज की पीड़ा, सामूहिक प्रश्न और लोक-चेतना की सशक्त पुकार बनकर उभरती है।
उद्धरण कैसे दें
Ashodhiya, Anand Kumar. (2024). Thara Mudda Thari Baat: Chhandmukt Haryanvi Kavitayon Ka Samajik Dastaavez. SJain Publication.

