Wednesday, October 21, 2026

प्रेम के सौ रंग — आधुनिक हिंदी लघुकविता : लेखक आनन्द कुमार आशोधिया (कवि आनन्द शाहपुर)

प्रेम के सौ रंग — आधुनिक हिंदी लघुकविता

Prem Ke Sau Rang — मानवीय संवेदना, सामाजिक चेतना एवं आत्मिक संवाद की लघुकविताएँ

प्रेम के सौ रंग — आधुनिक हिंदी लघुकविता : लेखक आनन्द कुमार आशोधिया (कवि आनन्द शाहपुर)

पुस्तक विवरण

विवरणजानकारी
अंग्रेज़ी शीर्षकPrem Ke Sau Rang — Modern Hindi Short Poetry
लेखकआनन्द कुमार आशोधिया (कवि आनन्द शाहपुर)
भाषाहिन्दी
पृष्ठ संख्या122
प्रकाशन वर्ष2025
ISBN978-93-344-5526-7
विधाआधुनिक लघुकविता · समकालीन काव्य · भाव एवं विचार-विमर्श
शैक्षणिक क्षेत्रसमकालीन हिन्दी साहित्य, लघुकविता विधा, सौंदर्यशास्त्र, सामाजिक चेतना, आधुनिक संवेदना
प्रकाशकअविकावनी पब्लिशर्स (Avikavani Publishers)

पुस्तक के बारे में

“प्रेम के सौ रंग — आधुनिक हिंदी लघुकविता” लेखक आनन्द कुमार आशोधिया द्वारा रचित एक सौ लघुकविताओं का संवेदनशील संग्रह है, जो प्रेम को केवल वैयक्तिक या रोमांटिक भाव तक सीमित न रखकर उसे सामाजिक, आध्यात्मिक और मानवीय उत्तरदायित्व के रूप में प्रस्तुत करता है। यह संग्रह समकालीन हिन्दी साहित्य में लघुकविता विधा की सघनता, शक्ति और संप्रेषणीयता को प्रामाणिक रूप से रेखांकित करता है।

विद्वत् समीक्षा एवं सम्मतियाँ

  • भूमिका (अशोक कुमार जाखड़ ‘निस्वार्थी’): वरिष्ठ साहित्यकार अशोक कुमार जाखड़ ‘निस्वार्थी’ के अनुसार यह संग्रह केवल सौ कविताएँ नहीं, बल्कि समाज, परिवेश और आत्मचिंतन की सौ जीवंत बूँदें हैं—जो मौन में मुखरता और शब्दों में गहन संवेदना का संचार करती हैं।
  • प्रस्तावना (प्रो. रूप देवगुण): प्रो. रूप देवगुण ने इसे हिन्दी की लोकसंवेदना की आत्मा निरूपित करते हुए स्पष्ट किया है कि ये रचनाएँ प्रेम को सामाजिक चेतना, मातृत्व, त्याग, बलिदान और आत्म-साधना के विराट परिप्रेक्ष्य में देखती हैं।
  • समीक्षात्मक दृष्टि (डॉ. चन्द्रदत्त शर्मा): डॉ. चन्द्रदत्त शर्मा इसे सौंदर्य और समाज का साझा दस्तावेज़ मानते हैं। कवि ने लघुता में विराटता साधते हुए आठ-दस पंक्तियों में एक मुकम्मल विचार, कहानी या भावनात्मक क्षण को संपूर्णता प्रदान की है।

काव्य-शिल्प और संवेदना

संग्रह में प्रयुक्त बिम्ब जैसे ‘बलिदान की लौ’, ‘वर्दी में गर्व’, और ‘शांति का स्वर’ हृदय को सीधे स्पर्श करते हैं। यह कृति उन पाठकों के लिए एक अनिवार्य संकलन है जो प्रेम को विचार, उत्तरदायित्व और आत्मिक संवाद के रूप में अनुभव करना चाहते हैं।

उद्धरण कैसे दें

Ashodhiya, Anand Kumar. (2025). Prem Ke Sau Rang: Adhunik Hindi Laghukavita. Avikavani Publishers.

उपलब्धता

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Monday, October 19, 2026

साहित्य, लोक-संस्कृति और भाषा-चिंतन का अनूठा संगम : आनन्द कुमार आशोधिया


साहित्य, लोक-संस्कृति और भाषा-चिंतन का अनूठा संगम : आनन्द कुमार आशोधिया

📚 साहित्य, लोक-संस्कृति और भाषा-चिंतन का अनूठा संगम : आनन्द कुमार आशोधिया! 📚


प्रख्यात लेखक, शोधकर्ता और लोक-साहित्य विशेषज्ञ आनन्द कुमार आशोधिया जी की विविध और समृद्ध कृतियों की एक झलक, जो हिंदी, हरयाणवी लोक-साहित्य और अनुवाद क्षेत्र को नई दिशा दे रही हैं:

📖 हरयाणवी भाषा, व्याकरण एवं लोक-साहित्य

  • हरयाणवी शब्दकोश (हरयाणवी–हिन्दी–अंग्रेजी): लोक-बोलियों और भाषा-सेतु को सुदृढ़ करता त्रिभाषी कोश।

  • हरयाणवी व्याकरण : मानक एवं प्रमाणिक नियमावली: हरयाणवी को मानक भाषाई स्वरूप देने वाला प्रामाणिक ग्रंथ।

  • हरयाणवी: बोली से भाषा तक का भाषाई सामर्थ्य: भाषाई विकास और सामर्थ्य का ऐतिहासिक-वैज्ञानिक विश्लेषण।

  • हरयाणवी मुहावरे और लोकोक्तियाँ: लोक-अभिव्यक्तियों का द्विभाषिक वर्णनात्मक कोश (Bilingual Lexicon)।

  • HARYANVI RAGNI SCHOLARLY DIGITAL CORPUS (HRSDC): लोक-रागणियों का ऐतिहासिक व आधुनिक डिजिटल संरक्षण।

🎭 रागणी, पिंगल समीक्षा और लोक-चेतना

  • द्रौपदी: एक लोक चेतना – रागनी, समीक्षा और पुनर्पाठ: लोक-साहित्य के माध्यम से स्त्री-सामर्थ्य और पुनर्पाठ की गंभीर समीक्षा।

  • हीर राँझा-हरयाणवी लोक रागणी संग्रह (पिंगल समीक्षा सहित): छंद शास्त्र और पिंगल कसौटी पर रागणी का अनूठा अध्ययन।

  • किस्सा भगत पूरणमल – हरयाणवी लोक रागनी संग्रह: पारंपरिक आख्यान और समीक्षात्मक दृष्टिकोण।

  • अविकावनी हरयाणवी रागणी संग्रह: पारंपरिक लोक-रसों से लबरेज़ उत्कृष्ट रागणी संकलन।

  • अधराजण: लोक-आख्यानों की नई साहित्यिक प्रस्तुति।

✍️ हिंदी काव्य, चिंतन एवं विविध साहित्य

  • प्रेम के सौ रंग: आधुनिक हिंदी लघुकविताओं की भावपूर्ण अभिव्यक्ति।

  • अन्तर्मन की यात्रा: भावुक और दार्शनिक अनुभूतियों का हिन्दी काव्य संग्रह।

  • अथ मार्जरिका उवाच: व्यंग्य और चिंतन की अनूठी शैली।

  • सैन समाज का गौरवशाली इतिहास: समाज की सांस्कृतिक जड़ों और ऐतिहासिक योगदान का वृत्तांत।

🌐 अंग्रेजी अनुवाद एवं वैश्विक प्रस्तुतियां (Transcreations)

  • SĀKET: An English Transcreation: मैथिलीशरण गुप्त जी के महाकाव्य का अंग्रेजी रूपांतरण।

  • NISWARTHI UDYOGA PARVA: पौराणिक-साहित्यिक प्रसंगों का सजीव अंग्रेजी अनुवाद।

  • Kahaan Kahaan Paiband Lagau: लोक-साहित्य का अंग्रेजी में भावानुवाद।

  • Antaryātrā — The Inner Journey: काव्य-यात्रा का अंग्रेजी लिप्यंतरण।

✨ भारतीय लोक-संस्कृति, छंद-शास्त्र और भाषाई शोध को समर्पित ये सभी पुस्तकें पाठकों, शोधार्थियों और लोक-कला प्रेमियों के लिए एक अमूल्य धरोहर हैं!

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