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Tuesday, April 29, 2025

सवेरा

 

सवेरा

सवेरा

उठो उठो जागो सवेरा हो गया,
सूरज का रथ चमकता सुनहरा हो गया।
चिड़ियों की चहचहाहट है गीत सुनाती,
धरती ने ओढ़ी चादर सुनहरी मुस्काती।
नव किरणों का संगम है जीवन बनाए,
हर पल को आनंद से अब सजाए।
सपनों को सच करने का आया ये मौका,
हर राह पर मिलेंगी तुम्हें नई रोशनी का धोखा।
तुम आगे बढ़ो, ये सवेरा पुकारता,
नव ऊर्जा से हर दिल को संवारता।
उठो, जागो और गढ़ो नया इतिहास,
तुम्हारे हौसले से बदल जाएगा आकाश।

जय परशुराम

जय परशुराम

 जय परशुराम

धरती पर वीर जब आए, पापों का अंत कराया। 

फरसा लेकर जो बढ़ चले, असुरों का नाश करवाया।

रेणुका मां के लाल बड़े, धरम का पाठ पढ़ाया। 

पिता के वचन निभा के जो, अधर्म का राज मिटाया।

सात बार पृथ्वी से, भारी राजा हटाए। 

धरम की ज्योति जलाकर जो, सत्य का मार्ग दिखाए।

दुष्टों से जब घिरे जमाना, वीरता का रूप दिखाया। 

परशुराम ने आकर धरती, अधर्म का अंत कराया।

राजा अर चक्रवर्ती तक, झुकाए शीश वहाँ। 

धरम अर ज्ञान के रक्षक जो, किए पापी का विधान।

धरम के दीप जलाए जो, अधर्म को दूर भगाए। 

सत्य अर शक्ति का संगम ले, जगत को राह दिखाए।

चलो उनके पद चिन्हों पे, सत्य का पाठ पढ़ाएँ। 

धरम की ज्योति जलाके हम, सबका जीवन सजाएँ।

यह वीरता की गाथा है, इसे सदा पूज्य बनाएँ। 

जय परशुराम का नाम ले, जगत में मान बढ़ाएँ।


मेरी माँ

 

मेरी माँ

मेरी माँ का प्यार अनोखा, जैसे सूरज की किरण। 

हर कठिनाई में वो बनती, एक सजीव प्रेरण। 

उसके आँचल की महक में, जीवन का सारा ज्ञान। 

उसकी ममता के आगे झुके, सारा ही जहान।

उसके चेहरे की मुस्कान से, दुख सब दूर भाग जाएं। 

उसकी गोदी का आराम, हर चिंता को बहलाएं। 

उसकी आँखों में सागर, प्रेम का बहता धारा। 

हर शब्द उसके हों जैसे, मन का मधुर सहारा।

उसने जीवन सौंपा मुझको, अपने सुख त्याग दिए। 

मेरी खुशियों के लिए उसने, सपने अपने भाग दिए। 

हर दिन मेरी राह संवारे, बनकर रौशनी का दीप। 

उसके बिना अधूरा मुझमें, जीवन का हर संगीत।

मेरी माँ के चरणों में है, सारा स्वर्ग समाया। 

उसके आशीष से जीवन में, सब कुछ मैंने पाया। 

वो देवी जैसी पूजनीय है, धरती पर अवतार। 

मेरी माँ के जैसा कोई नहीं, वो है सबसे महान।

जीवन का सन्देश

 

जीवन का सन्देश

चलो चलें उस पथ पर, जहाँ सत्य का प्रकाश हो, 

हर कदम पर प्रेरणा मिले, हर दिल में विश्वास हो।

जहाँ हवा का हर झोंका, प्रेम का संदेश दे, 

जहाँ मनुष्य के कर्म से, सारा जग नम्र हो वे।

चलो बनें वो किरण, जो अंधेरों को मिटा सके, 

हर हृदय में दीप जलाकर, नया सवेरा ला सके।

धरती को स्वर्ग बनाएँ, इंसानियत का गीत गाएँ, 

जहाँ ना हो कोई भेदभाव, बस प्रेम की राह चलाएँ।

चलो बनें वो बादल, जो धरा को ठंडक दे, 

हर उदास चेहरे को, हंसी का सच्चा संकेत दे।

जहाँ परिंदों की उड़ान में, आज़ादी का सुर गूंजे, 

जहाँ बच्चों की मुस्कान से, हर आँगन खुशबू पूजे।

चलो उठाएँ वो हथियार, जो ज्ञान का प्रकाश फैलाए, 

हर कोने में सत्य की ज्योत, विश्वास का दीप जलाए।

इंसानियत की राह पे चलकर, बनें दुनिया के मिसाल, 

जहाँ मिट जाए हर अधर्म, और धरम का हो जलाल।

यह जीवन का सन्देश है, इसे सब दिल से अपनाएँ, 

हर दिन को सुंदर बनाएँ, हर रिश्ते को गहराएँ।

जय जय हनुमान

 


जय जय हनुमान

जय जय हनुमान की गाथा, गूंजे सब दिशाओं में, 

संकट हरने वाले वीर, पूजें सब मन मंदिरों में।

केसरिया तन, तेज अनोखा, गदा हाथ में थामा

राम नाम का रक्षक बनकर, हर बुराई को मारा

पवनपुत्र का रूप सुहाना, भक्तों का रखवाला 

जहाँ भी संकट छाया हो, वह पहुँचे पल में न्यारा

लंका में जा रावण को हराया, सीता का सम्मान बढ़ाया

संजीवनी ले लखन को बचाया, सत्य का पाठ दिखाया

धरती पर धर्म की रचना, उनका संदेश अद्भुत

उनके चरणों की धूलि से भी, जगत का हर दुख छूट

राम कथा में सदा रमते, सत्य के पथ दिखलाते

उनके नाम की महिमा गाते, सबका जीवन सवारते

चलो पुकारें नाम बजरंगी, संकट मोचन का गान

उनके तेज से मिटे अंधेरा, जग में बढ़े धर्म का मान

हनुमान के गुणों को गाओ, हर दिल में प्रेम जगाओ

संकटों से लड़ने की ताकत, उनकी कृपा से पाओ

हरि के दास, महान जो ज्ञानी, योग और शक्ति के स्वामी

नमन करें सब उनके चरणन, जिनसे मिलती है सुखधानी

जय जय हनुमान हमारा, भक्तों के हितकारी

उनके आशीष से पाते, जीवन की सब तैयारी

गुन गाओ उनके जीवन का, उनका जो आदर्श

उनके बिना अधूरी है, राम कथा की पथ परिधि

चलो मिलके करें वंदना, और उनका गुण गाएँ

जय जय हनुमान पुकारें, संकट सब हरवाएँ।